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भोपाल

भोपाल में 36घंटे से लगातार बारिश

  • 22 Aug 2022

 12घंटे में 6 इंच:बड़े तालाब में क्रूज डूबा; 150 कॉलोनियों में पानी घुसा
भोपाल। राजधानी भोपाल में पिछले 36 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। रविवार रात से अब तक करीब 12 घंटों में 6 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। शहर में 150 से ज्यादा इलाके जलमग्न हो गए हैं। जहां कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। कई लोग घर छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। तेज आंधी और बारिश से कई इलाकों में 100 से अधिक पेड़ गिर गए। जिससे रास्ते बंद हो गए। करीब 200 इलाकों में बिजली रातभर बंद रही। अभी भी कई इलाकों में बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। खराब मौसम के कारण भोपाल आने वाली सभी फ्लाइट डायवर्ट कर दी गई हैं।
बड़ा तालाब के उफान पर आने से बोट क्लब में क्रूज लेक प्रिंसेस आधा डूब गया और किनारे से दूर चला गया। 20 से ज्यादा कर्मचारियों ने रस्सों की मदद से उसे बाहर निकाला। हालांकि, अभी भी क्रूज आधा डूबा हुआ है। क्रूज की एक मंजिल पूरी तरह से डूब चुका है। कर्मचारी दूसरी बोटों को भी किनारों पर लाने में लगे हैं। 50 से ज्यादा बतख को बचाने की भी कवायद जारी है।
कोलार की सभी कॉलोनियों में पानी-पानी
राजधानी के कोलार में सबसे ज्यादा पानी भरा हुआ है। यहां की अधिकांश कॉलोनियों में पानी भर गया है। ललिता नगर और नयापुरा की 50 से ज्यादा दुकानों में पानी भर गया। बावडिय़ा कलां, दानिशकुंज, मंदाकिनी समेत कई इलाके भी प्रभावित हैं।
राजधानी में 100 से ज्यादा पेड़ गिरे
मौसम विभाग की माने तो रात और सुबह तेज रफ्तार से हवा चली। इस कारण बावडिय़ा कलां, श्यामला हिल्स, होशंगाबाद रोड, नीलबड़, रातीबड़, कोलार, बाग सेवनिया समेत कई इलाकों में 100 से ज्यादा पेड़ गिर गए।
कलियासोत के 7, भदभदा के 5 गेट खुले
भोपाल में लगातार जारी तेज बारिश के बाद डैम ओवरफ्लो हो गए हैं। बड़ा तालाब में 5 से 6 फीट ऊंची लहरें उठ रही है तो कलियासोत और भदभदा डैम के गेट भी खोले गए। अभी कलियासोत के 7 और भदभदा के 5 गेट खुले हुए हैं।
200 इलाकों में बिजली गुल
कोलार, छोला, अशोका गार्डन, होशंगाबाद रोड, अवधपुरी, करोंद, शिवनगर, बैरागढ़ सहित 200 से अधिक इलाकों में बिजली गुल रही। कोलार के मंदाकिनी, गेहूंखेड़ा, नयापुरा में तो सुबह 9 बजे तक बिजली गुल रही। बिजली कंपनी के अनुसार रातभर से हो रही बारिश की वजह से प्रदेश में बिजली के बुनियादी ढांचे को क्षति हुई है। बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से चालू करने में पूरा बिजली अमला जुटा है। तेज बारिश एवं बाढ़ के हालात के बीच बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं।